Ranchi News : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन के निधन से पूरे राज्य में गहरा शोक व्याप्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने उनके निधन पर भावुक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जाना मानो एक युग का अंत है।

सुबोधकांत सहाय ने कहा –

“यह दुखद समाचार सुनकर मैं अपने आंसुओं को रोक नहीं सका। मुझे यह सौभाग्य मिला कि मैंने दशकों तक शिबू सोरेन जी के साथ राजनीतिक जीवन की यात्रा की। उनका जाना मेरे लिए बेहद कठिन क्षति है।”

उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन न केवल झारखंड के बल्कि पूरे देश के सबसे श्रद्धेय नेताओं में से एक थे। उनके नहीं रहने से झारखंड के हृदय और देश की राजनीति में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भर पाना लगभग असंभव है।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन के शुरुआती दिनों में शिबू सोरेन एक अथक योद्धा के रूप में हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहे। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड और झारखंडवासियों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।

सुबोधकांत सहाय ने कहा कि झारखंड की जनता हमेशा उन्हें “दिशोम गुरु” के रूप में स्नेह, सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगी। अंत में उन्होंने प्रार्थना की –

“ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें और उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।”

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