रांची: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के युवाओं और छात्रों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। बुधवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा, तकनीक और न्याय व्यवस्था को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की, जिसमें कुल 53 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई।

‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्वीज’ की शुरुआत

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि राज्य सरकार छात्रों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने के लिए एक भव्य ‘राज्यस्तरीय क्वीज प्रतियोगिता’ आयोजित करने जा रही है। यह महज एक सामान्य प्रतियोगिता नहीं होगी, बल्कि यह पूरी तरह से ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी’ (उभरती प्रौद्योगिकियों) पर आधारित होगी।

सरकार का मानना है कि यदि झारखंड के दूर-दराज के गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों से रूबरू कराया जाए, तो वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे।

प्रतियोगिता का स्वरूप और श्रेणियाँ

इस क्वीज को तीन स्तरों पर बांटा गया है ताकि हर आयु वर्ग के छात्र अपनी प्रतिभा दिखा सकें:

पहली श्रेणी: कक्षा 8वीं से 10वीं तक के स्कूली विद्यार्थियों के लिए।

दूसरी श्रेणी: 11वीं, 12वीं और आईटीआई (ITI) के छात्रों के लिए।

तीसरी श्रेणी: पॉलिटेक्निक संस्थानों में तकनीकी शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों के लिए।

पुरस्कारों की बौछार

मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने आकर्षक नकद इनामों की घोषणा की है। प्रत्येक श्रेणी में:

प्रथम पुरस्कार: 50,000 रुपये

द्वितीय पुरस्कार: 30,000 रुपये

तृतीय पुरस्कार: 20,000 रुपये

झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल : तकनीक का महाकुंभ

कैबिनेट ने एक और रोमांचक फैसले के तहत ‘झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल’ के आयोजन को मंजूरी दी है। इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण 10 अलग-अलग श्रेणियों के रोबोट डिजाइन होंगे। यह आयोजन राज्य के उन युवाओं के लिए एक मंच बनेगा जो कोडिंग और मशीन लर्निंग में रुचि रखते हैं। इसके साथ ही, प्रसिद्ध वैज्ञानिक के नाम पर ‘सर ज्ञानेंद्र चंद्र घोष स्कीम’ को भी शुरू किया गया है, जिसके तहत तकनीकी संस्थानों में राष्ट्रीय विज्ञान और गणित दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

न्याय व्यवस्था में मजबूती : नए पदों का सृजन

शिक्षा के साथ-साथ सरकार ने न्याय प्रणाली को भी सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। रांची, धनबाद और डाल्टनगंज के न्यायमंडलों में विशेष अदालतों के सुचारू संचालन के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के तीन नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

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