रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक और ‘पनाशिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज’ के प्रबंध निदेशक जी.भी. के. सुब्रमण्यम से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान श्री सुब्रमण्यम ने अपनी टीम द्वारा निर्मित अत्याधुनिक और पूर्णतः स्वदेशी कैंसर उपचार मशीन (Siddharth-II Linear Accelerator) की कार्यप्रणाली और इसकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।
कलाम के सहयोगी ने पेश की ‘मेड इन इंडिया’ तकनीक
वैज्ञानिक सुब्रमण्यम का परिचय देते हुए यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के करीबी सहयोगी रह चुके हैं। उनके साथ मिलकर किए गए शोध अनुभवों का लाभ अब कैंसर जैसी असाध्य बीमारी के इलाज में मिल रहा है। उनके द्वारा निर्मित यह मशीन न केवल भारत में बल्कि विदेशों के बड़े अस्पतालों में भी सफलतापूर्वक उपयोग की जा रही है।
राज्य में ही उपलब्ध होगा विश्वस्तरीय इलाज
मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक सुब्रमण्यम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कैंसर रोगियों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि झारखंड में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है और उन्हें इलाज के लिए अक्सर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य की स्वास्थ्य संरचना को इतना मजबूत करना चाहती है कि मरीजों को घर के पास ही सबसे सस्ता और अत्याधुनिक इलाज मिल सके।
सरकार उठाएगी हर आवश्यक कदम
बैठक में मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि झारखंड में इस प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाओं को स्थापित करने के लिए सरकार हर संभव सहयोग और ठोस कदम उठाने को तैयार है। इस अवसर पर विधायक राजेश कच्छप भी उपस्थित थे। इस पहल से आने वाले समय में झारखंड के अस्पतालों में न केवल तकनीक का विस्तार होगा, बल्कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने की राज्य की क्षमता भी कई गुना बढ़ जाएगी।



