रांची: राजधानी रांची इन दिनों एक अज्ञात ‘ई-मेल’ के खौफ में जी रही है। मंगलवार, 10 मार्च को रांची सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे पूरे अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। इस बार मामला और भी गंभीर था, क्योंकि धमकी देने वाले ने साधारण नहीं बल्कि ‘साइनाइड बम’ का जिक्र किया था। ई-मेल में दावा किया गया कि परिसर के भीतर 14 बम छिपाए गए हैं, जो किसी भी वक्त मौत का तांडव मचा सकते हैं।

दहशत का सिलसिला : फरवरी से अब तक

यह कोई पहली घटना नहीं है। रांची में बम की धमकियों का एक अंतहीन सिलसिला शुरू हो गया है, जो पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुका है:

  • 6 फरवरी: पहली बार सिविल कोर्ट को RDX से उड़ाने की धमकी दी गई।

  • 28 फरवरी: दूसरी बार फिर से ई-मेल के जरिए कोर्ट को निशाना बनाने की बात कही गई।

  • मार्च का हमला: अब 10 मार्च को ‘साइनाइड बम’ की नई धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रख दिया है।

सिर्फ अदालत ही नहीं, बल्कि समाहरणालय भवन (कलेक्ट्रेट) और पासपोर्ट कार्यालय को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड घंटों पसीना बहाते हैं, पूरे परिसर की सघन तलाशी ली जाती है, लेकिन अंत में हाथ कुछ नहीं लगता।

सुरक्षा एजेंसियों की साख दांव पर

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय के नेतृत्व में मंगलवार को भी भारी पुलिस बल ने अदालत के कोने-कोने को छाना। हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन बार-बार मिल रही इन धमकियों ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यह महज किसी की शरारत है या किसी बड़ी साजिश की आहट, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है।

तकनीकी सेल और साइबर एक्सपर्ट्स अब उस ई-मेल के ‘आईपी एड्रेस’ और स्रोत को खंगालने में जुटे हैं। जानकारों का मानना है कि अपराधी शायद जांच एजेंसियों की क्षमता को परख रहा है या फिर सुरक्षा तंत्र को थका देने की रणनीति अपना रहा है। फिलहाल, कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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