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Ranchi News : झारखंड के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने एक बार फिर राज्य में फैले भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। इस बार उन्होंने कोविड काल में हुए कथित घोटाले को लेकर एक चौंकाने वाला बयान जारी किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि कोविड घोटाले में शामिल असली आरोपियों को बचाने के लिए रांची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने दबाव में आकर भ्रष्टाचार उजागर करने वाले व्यक्ति पर ही मुकदमा ठोक दिया है।
सरयू राय ने बताया कि यह मामला MP-MLA कोर्ट, राँची में दर्ज हुआ है, जिसमें वे स्वयं पेश हुए थे। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने मुकदमे से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया, तो यह साफ हो गया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा कि रांची पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते अपनी ज़िम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया और ईमानदारी से काम करने वाले पर बिना सबूत के चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
सरयू राय ने इसे “अंधा कानून” करार देते हुए कहा कि इस चार्जशीट के जरिए घोटाले में संलिप्त असली दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब यह केस उस भ्रष्ट तंत्र की परतें खोलने वाला साबित होगा जो सत्ता की छांव में पनप रहा है।
उन्होंने यह भी इशारा किया कि यह सब कुछ किसी बड़े “सूत्रधार” के इशारे पर हो रहा है, जिसकी पकड़ अभी तक तंत्र पर बनी हुई है। सरयू राय ने साफ तौर पर कहा कि यह एक खतरनाक ट्रेंड है जिसमें भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने वाले को ही अपराधी बनाकर पेश किया जा रहा है।
झारखंड में पिछले कुछ समय से लगातार घोटालों की खबरें सुर्खियों में हैं। इस ताजा प्रकरण से सरकार और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में आ गई है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और खुलासे हो सकते हैं, जिससे सियासी पारा चढ़ने की पूरी संभावना है।

