अपनी भाषा चुनेें :
Chhapra (Bihar): जिले की कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) विनीत कुमार पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में हैं। शनिवार को उन्होंने जिले के सभी डीएसपी और सर्किल इंस्पेक्टरों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य स्वर बेहद सख्त रहा, जिसमें कप्तान ने स्पष्ट कर दिया कि जांच के नाम पर अब फाइलों को दबाकर रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस खबर को भी पढ़ें : आधी रात अस्पताल पहुंचे डीएम-एसएसपी; नदारद डॉक्टर फंसे, 12 एम्बुलेंस जब्त
अनुसंधान में ‘क्वालिटी’ पर जोर
एसएसपी ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कड़े शब्दों में कहा कि पुलिस अनुसंधान (Investigation) का मतलब केवल कागजी खानापूर्ति नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) इतना वैज्ञानिक और ठोस होना चाहिए कि अदालत में अपराधी बच न सकें। उन्होंने अनुसंधान की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि पीड़ितों की उम्मीदें पुलिस की कार्यशैली पर टिकी होती हैं, ऐसे में लापरवाही अक्षम्य होगी।
लापरवाह जांच अधिकारियों को सीधी चेतावनी
बैठक के दौरान एसएसपी ने उन मामलों पर नाराजगी जताई जो लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी केस की जांच में शिथिलता या जानबूझकर देरी पाई गई, तो संबंधित जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ाना ही लक्ष्य
बैठक में एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन बड़े निर्देश दिए:
-
गश्ती और सूचना तंत्र: अपराधी वारदातों को रोकने के लिए खुफिया तंत्र और सूचना संकलन को और तेज करें।
-
पारदर्शिता: हर कांड के अनुसंधान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए ताकि जनता का भरोसा बढ़े।
-
समय सीमा: पुराने मामलों के निपटारे के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है।
एसएसपी विनीत कुमार के इस कड़े रुख से पुलिस महकमे में हड़कंप है। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं और जवाबदेही के साथ जनता की सेवा करें।



