New Delhi: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पार्टी के पूर्व प्रमुख रणनीतिकार संदीप पाठक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दो नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। जानकारी के अनुसार, ये दोनों मामले गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं, जिससे उनकी कानूनी स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन मामलों में जांच तेज कर दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर उनकी गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जा सकती है। हालांकि, अभी तक इन FIR में लगाए गए आरोपों का विस्तृत ब्योरा पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इनमें भ्रष्टाचार जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।
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इस कानूनी कार्रवाई के बीच रविवार सुबह पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली स्थित संदीप पाठक के आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वे घर से निकल चुके थे। अब पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब की राजनीति में भारी उलटफेर देखने को मिला है। हाल ही में संदीप पाठक ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। उनके साथ राघव चड्ढा समेत छह अन्य राज्यसभा सांसदों के भी पाला बदलने की खबरें सामने आई हैं, जिसे अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इसी उथल-पुथल के बीच पंजाब की वर्तमान सरकार ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश कर उसे बहुमत से पारित करा लिया है, जिसे सरकार की स्थिरता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
संदीप पाठक की पहचान आम आदमी पार्टी के एक चाणक्य के रूप में रही है। अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यरत पाठक को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत का मुख्य सूत्रधार माना जाता रहा है। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, चुनावी रणनीति और कैडर प्रबंधन पर गहराई से काम किया। अब उनका भाजपा में शामिल होना और उसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस द्वारा उन पर शिकंजा कसना राज्य में एक नए सियासी टकराव की ओर इशारा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन FIR की जांच क्या दिशा लेती है और इसका आगामी विधानसभा चुनावों पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, संदीप पाठक पर मंडराते गिरफ्तारी के खतरे ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है।
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