Ranchi News: रांची जिला समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित सभागार में DMFT, CSR, Untied Fund, BPHU-PM Abhim, MPLADS और MLA Fund से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री ने की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में निदेशक DRDA सुदर्शन मुर्मू, जिला योजना पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, जिला अभियंता जिला परिषद, लघु सिंचाई प्रमंडल रांची के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के सहायक अभियंता, एनआरईपी-1 के अभियंता एवं DMFT PMU के सदस्य उपस्थित थे।

अनुपस्थित अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई:

बैठक में कार्यपालक अभियंता सागर प्रताप (एनआरईपी-1, रांची) और राधाकृष्ण मुरारी (ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, रांची) की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने दोनों का वेतन रोकने और कारण बताओ नोटिस (Show Cause) जारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, दोनों अधिकारियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का सख्त आदेश दिया गया।

योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश:

उपायुक्त ने सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को निर्धारित गाइडलाइन और प्राक्कलन की विशिष्टियों के अनुरूप समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं को अविलंब पूरा किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।

भूमि संबंधित अड़चनों को दूर करने की पहल:

ऐसी योजनाएं जो भूमि की अनुपलब्धता के कारण रुकी हुई हैं, उनके लिए उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड, पंचायत मुखिया, अंचलाधिकारी और MOIC से समन्वय स्थापित कर कार्य को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि न मिलने की स्थिति में योजना को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एकरारनामा स्वीकृत योजनाओं पर तत्काल कार्य शुरू करें:

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन योजनाओं का एकरारनामा (Agreement) स्वीकृत हो चुका है, उन्हें तुरंत पूरा किया जाए। वहीं, जिन योजनाओं का कार्य भूमि की उपलब्धता के कारण रुका है, उन्हें चिन्हित कर या तो तेजी से समाधान करें या रद्द करने की कार्रवाई करें।

पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता:

उपायुक्त भजन्त्री ने कहा कि रांची जिले में चल रही हर योजना और परियोजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही, देरी और अनुपस्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से योजनाओं की समीक्षा और मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाएगी।

बैठक में प्रमुख निर्देशों का सार:

  • अनुपस्थित अभियंताओं का वेतन रोका गया, शो कॉज नोटिस जारी

  • बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य की गई

  • लंबित योजनाओं को समय से पूरा करने पर बल

  • भूमि संबंधित समस्याओं का समन्वय के जरिए समाधान

  • एकरारनामा स्वीकृत योजनाओं को तुरंत पूरा करने का आदेश

यह बैठक जिला प्रशासन की उत्तरदायित्व और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें जनहित को सर्वोपरि रखा गया है।

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