Ramgarh : झारखंड के रामगढ़ जिले का पतरातू इलाका अपनी खूबसूरत वादियों और हरियाली के लिए जाना जाता है। राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाएं बनाई हैं। लेकिन इसी बीच कुछ भू-माफिया और पूंजीपति यहां की प्राकृतिक सुंदरता को कमाई का जरिया बनाने में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि पतरातू प्रखंड के ताराटांड़ और हरिहरपुर इलाके में बने अलेक्सा और ईटरनिटी रिजॉर्ट वन संरक्षण अधिनियम को नजरअंदाज कर खड़े किए गए हैं।

वन विभाग की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

रामगढ़ वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) नीतीश कुमार ने इन दोनों रिजॉर्ट का स्थल निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि इनका निर्माण जिस जमीन पर हुआ है, वह सर्वे रजिस्टर में जंगल-झाड़ी चिह्नित भूमि है। वन विभाग ने सैटेलाइट इमेज और सीमांकन रेखा के आधार पर नक्शा भी तैयार किया, जिसमें स्पष्ट रूप से यह क्षेत्र वन भूमि के अंदर आता है।

DC को लिखी गई थी चिट्ठी

DFO नीतीश कुमार ने 16 जनवरी 2025 को रामगढ़ उपायुक्त (DC) को पत्र लिखकर इस मामले की गहराई से जांच की मांग की थी। उन्होंने चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित कराया था और कहा था कि केवल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि क्या रिजॉर्ट का निर्माण वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन करता है या नहीं। इसके अलावा DC कार्यालय से यह भी अनुरोध किया गया था कि अगर इस भूमि से संबंधित कोई पुरानी जांच प्रक्रिया चल रही है या समाप्त हो चुकी है तो उसकी समीक्षा की जाए और रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए।

आठ महीने बाद भी जवाब नहीं

गौर करने वाली बात यह है कि इस पत्र को भेजे हुए आठ महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक DC कार्यालय की ओर से वन प्रमंडल को कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। इस देरी से प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। DEO ने साफ किया कि रिजॉर्ट की जमीन वन क्षेत्र में आती है, लेकिन जब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इस मामले में अंतिम निर्णय संभव नहीं है।

सवालों के घेरे में सरकार और प्रशासन

स्थानीय लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नियमों को ताक पर रखकर इन रिजॉर्ट को कैसे संचालित किया जा रहा है। क्या पर्यटन विकास के नाम पर जंगलों को बलि चढ़ाया जा रहा है? या फिर यह किसी बड़े राजनीतिक-प्रशासनिक खेल का हिस्सा है? अब सभी की निगाहें प्रशासन की उस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसका इंतजार बीते कई महीनों से हो रहा है।

Share.
Exit mobile version