Ranchi : झारखंड मंत्रिपरिषद ने राज्य में शराब की बिक्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए शराब पर लगाए जाने वाले मूल्य वर्द्धित कर (VAT) की दरों में भारी कटौती कर दी है। यह निर्णय झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली, 2025 के गठन के क्रम में लिया गया है।

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की अधिसूचना संख्या-903, दिनांक-21 मई 2025 के अनुसार, राज्य में शराब पर लागू कर प्रणाली में व्यापक संशोधन को कैबिनेट की स्वीकृति मिली। इसके तहत विदेशी शराब (Liquors Excluding Country Liquors) पर वैट की दर 75% से घटाकर मात्र 5% कर दी गई है। वहीं, देशी शराब (Country Liquors) पर वैट की दर 35% से घटाकर केवल 1% कर दी गई है।

उपभोक्ताओं और कारोबारियों को राहत

नई कर व्यवस्था से शराब बेचने वाले कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब शराब की दुकानों पर उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में सस्ती दरों पर शराब उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा, बल्कि राज्य सरकार को कर संग्रहण में भी स्थिरता आएगी क्योंकि अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने में यह नीति कारगर साबित हो सकती है।

शराब कारोबार को बढ़ावा

शराब की बिक्री पर कर दरों में कमी आने से कारोबारियों की लागत में बड़ी कटौती होगी। पहले जहां ऊंची टैक्स दरों के कारण कई बार उपभोक्ता अवैध माध्यमों से शराब खरीदने की ओर रुख कर रहे थे, वहीं अब कम दाम में शराब उपलब्ध होने से यह प्रवृत्ति कम हो सकती है। इससे सरकार के राजस्व में पारदर्शिता आएगी और दुकानदारों को भी कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार के लिए चुनौती और अवसर

हालांकि, इस निर्णय पर समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सरकार का राजस्व बढ़ाने का प्रयास मान रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों का कहना है कि शराब को सस्ता करने से इसकी खपत बढ़ सकती है, जो समाज पर नकारात्मक असर डालेगी। कहीं ऐसा न हो कि लोग झूम बराबर झूम करते और दिखते नजर आएं।

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