रांची: झारखंड के सबसे बड़े प्रकृति पर्व ‘सरहुल’ को लेकर राजधानी रांची में उत्साह चरम पर है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रौनक दिखी, जब विभिन्न सरना समितियों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की।

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कल (21 मार्च 2026) सिरमटोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल पर आयोजित होने वाले पारंपरिक पूजन कार्यक्रम के लिए सादर आमंत्रित किया। इस दौरान समाज के विभिन्न गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को पर्व की महत्ता से अवगत कराया।

इसके तुरंत बाद, सरना पूजा समिति, डहूटोली (हातमा) के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की। अध्यक्ष श्री विश्वास उरांव और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री को हातमा में आयोजित होने वाले सरहुल पूजा महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा।

मुख्यमंत्री ने सभी समितियों का आभार व्यक्त करते हुए राज्यवासियों को प्रकृति के इस अनूठे पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। सरहुल न केवल जनजातीय संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि यह मनुष्य और प्रकृति के गहरे जुड़ाव का संदेश भी देता है। 21 मार्च को रांची की सड़कों पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और ‘सखुआ’ के फूलों की खुशबू के बीच भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।

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