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Ranchi News: झारखंड की राजधानी में जहां कड़ाके की ठंड लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर रही है, वहीं रांची रेलवे स्टेशन से ममता को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। शनिवार की देर रात, जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब स्टेशन के फुटओवर ब्रिज के नीचे एक तीन माह का मासूम लावारिस हालत में ठंड से ठिठुर रहा था। गनीमत रही कि आरपीएफ की गश्ती टीम की नजर उस नन्हीं जान पर पड़ गई, वरना कोई अनहोनी हो सकती थी।
अंधेरे में फरिश्ता बनकर पहुंची आरपीएफ की टीम
आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर प्लेटफार्म संख्या 01 पर तैनात एएसआई अरुण कुमार और महिला कांस्टेबल राखी कुमारी रूटीन गश्त पर थे। रात के सन्नाटे में उन्हें ओवरब्रिज के नीचे कुछ हलचल महसूस हुई। पास जाकर देखा तो उनकी आंखें फटी रह गईं; वहां एक छोटा सा बच्चा अकेला पड़ा था। सुरक्षाकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत उसे अपनी गोद में उठाया और सुरक्षित स्थान पर ले आए। महिला कांस्टेबल राखी कुमारी ने पूरी रात उस मासूम की एक मां की तरह देखभाल की।
CCTV में कैद हुआ संदिग्ध; अब CWC की पनाह में मासूम
घटना के बाद रेलवे पुलिस ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों से घंटों पूछताछ की, लेकिन बच्चे का कोई वारिस सामने नहीं आया। जब स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो एक अज्ञात व्यक्ति उस बच्चे को वहां छोड़ते हुए नजर आया है। हालांकि, अंधेरा और धुंध होने के कारण चेहरा साफ नहीं हो सका है। जीआरपी और आरपीएफ ने कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चे को ‘चाइल्ड वेलफेयर कमेटी’ (CWC) रांची के हवाले कर दिया है। फिलहाल पुलिस उस बेरहम शख्स की तलाश में जुटी है जिसने इस मासूम को मौत के मुंह में धकेल दिया था।
इस घटना ने एक बार फिर समाज की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वह मासूम सुरक्षित है और उसकी किलकारियां अब चाइल्ड केयर सेंटर में गूंज रही हैं।

