रांची: झारखंड में उच्च शिक्षा की दिशा और दशा सुधारने के लिए राजभवन ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 10 मार्च को राज्यपाल सह कुलाधिपति ने राज्य के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों (Vice Chancellors) की नियुक्ति पर मुहर लगा दी। इस संबंध में जारी आधिकारिक अधिसूचना ने उन अटकलों को शांत कर दिया है जो पिछले कई महीनों से विवि के प्रशासनिक ढांचे को लेकर लगाई जा रही थीं।

डीएसपीएमयू रांची: प्रो. राजीव मनोहर संभालेंगे बागडोर

रांची के प्रतिष्ठित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के कुलपति के रूप में प्रोफेसर राजीव मनोहर को नियुक्त किया गया है। प्रो. मनोहर वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके पास शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि डीएसपीएमयू में पठन-पाठन के स्तर में और सुधार होगा।

जमशेदपुर महिला विवि : डॉ. एला कुमार को मिली जिम्मेदारी

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय को अपना नया नेतृत्व डॉ. एला कुमार के रूप में मिला है। डॉ. कुमार दिल्ली के प्रसिद्ध ‘इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन’ (IGDTUW) में प्रोफेसर हैं। महिला शिक्षा के क्षेत्र में उनके तकनीकी और आधुनिक दृष्टिकोण का लाभ सीधे तौर पर जमशेदपुर की छात्राओं को मिलेगा।

मुक्त विश्वविद्यालय : अभय कुमार सिंह की हुई नियुक्ति

वहीं, झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (JSOU), रांची के कुलपति पद की जिम्मेदारी अभय कुमार सिंह को सौंपी गई है। वे वर्तमान में बिहार के ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय (राजगीर) में प्रोफेसर एवं डीन के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) को राज्य के सुदूर इलाकों तक पहुंचाने में उनका अनुभव मील का पत्थर साबित हो सकता है।

कार्यकाल और शर्तें

राजभवन की अधिसूचना के अनुसार, इन तीनों कुलपतियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि या कुलाधिपति के निर्देशानुसार होगा। साथ ही, इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए उनके मूल संस्थानों से विजिलेंस क्लीयरेंस प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इन नई नियुक्तियों से उम्मीद है कि विश्वविद्यालयों में लंबित परीक्षाओं और लंबित सत्रों को समय पर पूरा करने में तेजी आएगी।

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