Ranchi News : बोरियो निवासी और चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके समाजसेवी सूर्या हांसदा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। मंगलवार को करम टोली धूमकुडिया में आयोजित बैठक में मुख्य पहान जगलाल पहान की अध्यक्षता में विभिन्न सामाजिक-आदिवासी संगठनों ने हिस्सा लिया।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सूर्या हांसदा एक सामाजिक और राजनीतिक व्यक्ति थे, जो लगातार आदिवासी समाज और राज्यहित के मुद्दों को उठाते रहे। उन्होंने हेमंत सरकार के कई गैर-कानूनी कार्यों का विरोध किया था। इसी वजह से सरकार ने उन्हें कुख्यात अपराधी घोषित कर फर्जी एनकाउंटर में मार डाला। वक्ताओं ने इसे न सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और राजनीतिक आवाज की हत्या करार दिया।

संगठनों ने कहा कि यह घटना कोई पहली नहीं है। रूपा तिर्की, उमेश कछप, संध्या टोपनो, सुभाष मुंडा, अनिल टाइगर और अब सूर्या हांसदा हर उस शख्स की आवाज दबाई गई, जिसने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 23 अगस्त को सूर्या हांसदा के न्याय की मांग को लेकर राजभवन तक जन आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। इस अवसर पर जगलाल पहान, बबलू मुंडा, महादेव टोप्पो, आरती कुजूर, संदीप उरांव, सोनी हेंब्रम सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।

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