Ranchi : ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेंस फेडरेशन, हटिया शाखा ने शुक्रवार को पेंशन सत्यापन कानून के विरोध में हटिया स्टेशन के पास धरना दिया। इस अवसर पर फेडरेशन के केंद्रीय उपाध्यक्ष जगजीत सिंह बहल ने कहा कि 25 मार्च को पारित और 29 मार्च को राजपत्रित पेंशन विधेयक में आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक उसके निष्पादन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की गई है।
जगजीत सिंह ने यह भी बताया कि कोरोना काल में फ्रीज किए गए 18 महीने के महंगाई भत्ते का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स लगातार अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज अनसुनी कर रही है।
धरना स्थल पर रांची मंडल के सचिव चंचल कुमार सिंह ने कहा कि पेंशन कम्यूटेशन को 12 वर्षों में समाप्त करने का प्रावधान निष्क्रिय कर दिया गया है और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा भाड़ा में मिलने वाली छूट भी बहाल नहीं की गई है। उन्होंने पेंशन में पांच प्रतिशत की वृद्धि क्रमशः 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु पर लागू करने की मांग दोहराई।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा छूट, आठवें वेतन आयोग में अधिकारियों की नियुक्ति, 18 महीने का महंगाई भत्ता का भुगतान, और कम्यूटेड रकम को 12 साल में समाप्त करने जैसी बातें शामिल हैं।
धरना में मुख्य रूप से जगजीत सिंह बहल, चंचल कुमार सिंह, कालीदास मूंडा, बीजन लाल हलधर, अशोक प्रसाद और दिनेश कुमार दूबे सहित कई वरिष्ठ रेलवे पेंशनर्स उपस्थित रहे।



