Ranchi News : झारखंड सरकार ने राज्य की न्याय प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 11 जुलाई 2025 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में “The District Courts of the State of Jharkhand for the Use of Electronic Communication and Audio-Video Electronic Means Rules, 2025” के गठन को मंजूरी देते हुए, इसे राज्यपाल की स्वीकृति हेतु भेजने की अनुमति प्रदान की गई

यह नियमावली झारखंड के जिला न्यायालयों में ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के उपयोग को वैधानिक स्वरूप प्रदान करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य है न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाना, जिससे मुकदमों के निष्पादन में तेजी लाई जा सके। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान जिस तरह से वर्चुअल सुनवाई की उपयोगिता सामने आई थी, यह नियम उसी दिशा में एक स्थायी और औपचारिक व्यवस्था की ओर संकेत करता है।

इस नई नियमावली के तहत, गवाहों की वर्चुअल पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दलीलें एवं इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के माध्यम से साक्ष्य प्रस्तुत करना जैसे महत्वपूर्ण उपायों को वैधानिक रूप से मान्यता दी जाएगी। इससे दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले पक्षकारों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य असहाय व्यक्तियों के लिए न्याय तक पहुंच और भी आसान होगी।

नियम के लागू होने से न केवल न्यायिक कार्यप्रणाली में डिजिटल परिवर्तन आएगा बल्कि वकीलों, जजों और प्रशासनिक अधिकारियों के काम में भी तेजी और पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा, सरकारी खर्चों में भी उल्लेखनीय कटौती होगी क्योंकि यात्रा और कागजी कार्यवाहियों में कमी आएगी।

यह नियम झारखंड को डिजिटल न्यायिक राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम प्रयास है। आने वाले समय में जैसे ही राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त होगी, यह नियम विधिवत रूप से लागू कर दिए जाएंगे और झारखंड की न्याय प्रणाली में तकनीक का यह नया युग शुरू हो जाएगा।

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