Ranchi News : रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त सप्तम की अदालत ने एक चर्चित हत्या मामले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने दो आरोपियों प्रदीप साहू और कृष्णा साहू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। दोनों आरोपी पिठोरिया थाना कांड संख्या (2023) के तहत दर्ज मामले में 9 जुलाई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं।

मामला 12 जून 2023 का है, जब आरोप है कि प्रदीप साहू और कृष्णा साहू समेत कुल 12 आरोपी घातक हथियारों से लैस होकर दो भाइयों पर हमला करने पहुंचे थे। इस हमले में गंभीर रूप से घायल अशोक साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।

कृष्णा साहू उस समय परियोजना केंद्र रातू में सहायक के पद पर कार्यरत थे। केस डायरी में दर्ज बयान और साक्ष्यों के अनुसार, दोनों आरोपी लाठी से लैस होकर एक गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा थे और मृतक को लगी चोटें घातक थीं, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से APP ने तर्क दिया कि केस डायरी और प्रत्यक्ष साक्ष्य आरोपियों की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला न केवल गंभीर है बल्कि इसमें प्रत्यक्ष आरोप भी हैं। ऐसे में, केवल लंबे समय से हिरासत में रहने का आधार देकर जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा।

अदालत ने भी अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता, प्रत्यक्ष आरोप और उपलब्ध साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि आरोपियों की हिरासत अवधि जमानत का आधार नहीं हो सकती। अदालत ने साफ किया कि जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती और साक्ष्यों की जांच अदालत में नहीं हो जाती, तब तक आरोपियों को रिहा करना उचित नहीं होगा।

इस प्रकार, अदालत ने प्रदीप साहू और कृष्णा साहू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। यह फैसला न केवल पीड़ित पक्ष के लिए राहत का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में न्यायालय कठोर रुख अपनाने से पीछे नहीं हटता।

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