रांची: रंगों के त्योहार होली की खुमारी अभी शुरू ही हुई थी कि नशे के सौदागरों ने शहर में ‘मौत’ परोसने की तैयारी कर ली थी। लेकिन रांची आबकारी विभाग की मुस्तैदी ने इन मंसूबों पर पानी फेर दिया। विभाग ने रांची के रिहायशी इलाके हिनू में चल रही एक मिनी अवैध शराब फैक्ट्री का न सिर्फ भंडाफोड़ किया, बल्कि मौके से तीन मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भी पहुँचा दिया है।

फिल्मी अंदाज में बिछाया गया जाल

यह पूरी कार्रवाई किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी। सहायक आयुक्त उमा शंकर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में कुछ लोग ऑनलाइन ऑर्डर लेकर घर-घर नकली शराब की सप्लाई कर रहे हैं। इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए विभाग ने एक अनूठा जाल बुना। आबकारी विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर खुद ‘ग्राहक’ बने और शराब का ऑर्डर दिया। जैसे ही डिलीवरी देने के लिए तस्कर नियत स्थान पर पहुँचे, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उन्हें धर दबोचा।

घर के अंदर चल रहा था ‘जहर’ बनाने का खेल

पकड़े गए तस्करों की निशानदेही पर जब हिनू स्थित एक मकान में छापेमारी की गई, तो अधिकारी भी दंग रह गए। वहाँ एक पूरी मिनी फैक्ट्री संचालित थी। मौके से भारी मात्रा में महुआ से बनी नकली शराब, सैकड़ों खाली बोतलें, ढक्कन, नकली कॉर्क और रैपिंग सामग्री बरामद की गई। तस्कर ब्रांडेड बोतलों में यह घटिया शराब भरकर ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।

चोरी की गाड़ियों से होम डिलीवरी

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह गिरोह पुलिस की नजरों से बचने के लिए चोरी की बाइक और स्कूटरों का इस्तेमाल करता था। आबकारी सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रौनक कुमार, पवन कुमार और मुन्ना के रूप में हुई है। इनके पास से परिवहन में इस्तेमाल होने वाला एक स्कूटर और एक बाइक भी जब्त की गई है।

सावधान रहें, सुरक्षित रहें

होली के दौरान मांग बढ़ने का फायदा उठाकर ये अपराधी बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि नकली शराब न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए जानलेवा भी हो सकती है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार के मद्देनजर शहर में अवैध शराब और तस्करी के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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