चैनपुर : चैनपुर प्रखंड के मालम से कोल्हुकोना तक बन रही सड़क का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए वरदान के बजाय अभिशाप बन गया है। संवेदक और अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। जगह-जगह कीचड़ जमा होने से खासकर जनजातीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और वे सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उठाने से भी वंचित हो रहे हैं।

वैकल्पिक रास्ते की कमी और धीमी गति का खामियाजा

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं बनाया गया, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। इसके साथ ही, संवेदक की धीमी कार्य गति ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पाकरटांड़ के लोग इस समस्या का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगत रहे हैं।

साप्ताहिक बाजार और सरकारी कार्यालय जाने में दिक्कत

सुरेश असुर ने बताया कि साप्ताहिक बाजार जाने या प्रखंड कार्यालय जाने के लिए उन्हें 15 किलोमीटर पैदल चलकर मालम मेन रोड तक जाना पड़ता है, तब जाकर उन्हें पक्की सड़क मिलती है। यह लंबी दूरी लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।नन्हू असुर ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि प्रखंड मुख्यालय जाने वाली इस सड़क में इतनी कीचड़ हो गई है कि साइकिल तक चलाना संभव नहीं है। उन्होंने संवेदक से वैकल्पिक रास्ता बनाने की गुहार लगाई है ताकि आवागमन सुचारू रूप से चल सके।

पंचायत और प्रखंड से टूटा सीधा संपर्क

अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस खराब सड़क के कारण उनके गांव का सीधा संपर्क पंचायत और प्रखंड कार्यालय से टूट गया है। गैस सिलेंडर लेना, राशन लेना, या खाद खरीदने जैसे रोजमर्रा के कामों में भी उन्हें काफी समस्या हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।

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