Palamu: झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी खबर आई है जो आधुनिक समाज के माथे पर अंधविश्वास का कलंक लगाती है। मनातू थाना क्षेत्र के रंगेया पंचायत अंतर्गत चुनका गांव में एक बुजुर्ग की केवल इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि एक शख्स को लगा कि उसके ‘जादू-टोने’ की वजह से उसकी पत्नी की जान गई है। अंधविश्वास की इस भेंट चढ़े 60 वर्षीय फगुनी भुइयां का शव सोमवार को एक अर्द्धनिर्मित मकान से बरामद किया गया, जिसके बाद इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
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मामले की तह में जाने पर रूह कंपा देने वाली कहानी सामने आती है। मृतक फगुनी भुइयां के परिजनों के मुताबिक, कुछ महीने पहले गांव के ही कर्मदेव भुइयां की पत्नी को जंगल में सांप ने डंस लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। लेकिन कर्मदेव इस कुदरती हादसे को मानने को तैयार नहीं था। वह लगातार फगुनी भुइयां पर ‘ओझा-गुनी’ होने का आरोप लगाता था और उसे अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेदार मानता था। कर्मदेव ने कई बार गांव में यह धमकी भी दी थी कि मौका मिलते ही वह फगुनी को ठिकाने लगा देगा।
रविवार को जब फगुनी घर से निकले और वापस नहीं लौटे, तो उनके बेटे ने खोजबीन शुरू की। सोमवार शाम करीब 4 बजे वह मंजर सामने आया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। आरोपी कर्मदेव के घर के पीछे ही एक सुनसान अधबने मकान में फगुनी की लहूलुहान लाश पड़ी मिली। उन्हें लाठी-डंडों से तब तक पीटा गया जब तक कि उनके प्राण नहीं निकल गए।
मनातु थाना प्रभारी विक्की कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से अंधविश्वास और ‘डायन-बिसाही’ के शक से जुड़ा प्रतीत होता है। मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।



