Naland, Bihar: बिहार के नालंदा जिले से शीतला अष्टमी के अवसर पर एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार को मघड़ा गांव स्थित माता शीतला मंदिर में भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शीतला अष्टमी के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, मंदिर परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनती चली गई। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतकों में महिलाएं, दो की पहचान

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं। अब तक दो मृतकों की पहचान सकुंट बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50 वर्ष) और मथुरापुर (नूरसराय) निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45 वर्ष) के रूप में हुई है।

सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इसके बावजूद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि शीतला अष्टमी जैसे बड़े पर्व के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई थी और न ही भीड़ नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था की गई थी।

नीतीश सरकार का मुआवजा व बयान

लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग और प्रवेश-निकास की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ। यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शोक संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

गौरतलब है कि मघड़ा गांव बिहारशरीफ से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित है। शीतला अष्टमी के दिन यहां विशेष धार्मिक परंपराओं के तहत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले तैयार किया गया ठंडा भोजन माता को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। भीड़ के कारण हर साल यहां सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती बनी रहती है।

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घटना को लेकर बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान दिया। विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सीएम नीतीश लगातार इस घटना की जानकारी ले रहे हैं। विजय चौधरी ने बताया कि घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। सरकार घायलों को इलाज की सुविधा देगी। घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर होगा। साथ ही विजय चौधरी ने ऐलान किया कि नीतीश सरकार ने भगदड़ में मरने वाले श्रद्धालुओं के आश्रितों को 6-6 लाख रुपए मुआवजा देगी।

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