Pakur: जहां पूरा देश बुधवार को होली के रंगों में सराबोर था, वहीं झारखंड के पाकुड़ जिले के तलवाडांगा गांव में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। नगर थाना क्षेत्र के इस गांव में 40 वर्षीय देवराज सरकार की उनके घर के ठीक बाहर धारदार हथियार से हमला कर नृशंस हत्या कर दी गई। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि यह पूरी वारदात देवराज के वृद्ध पिता मेघनाथ सरकार की आंखों के सामने अंजाम दी गई।
जानकारी के अनुसार, देवराज दोपहर में दोस्तों के साथ होली खेलकर घर लौटे थे। शाम करीब 4 बजे जब वह अपने घर के पास खड़े थे, तभी 8 से 10 युवकों का एक गुट वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। हमलावरों ने देवराज को घेर लिया और उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
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बेबस पिता और खामोश तमाशबीन — मृतक के पिता मेघनाथ सरकार ने पुलिस को दिए अपने बयान में रुंधे गले से बताया कि वह हमलावरों के आगे हाथ जोड़कर अपने बेटे की जान की भीख मांगते रहे, लेकिन किसी को तरस नहीं आया। उन्होंने आसपास के लोगों से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन हमलावरों के खौफ के कारण कोई भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। गंभीर रूप से घायल देवराज को सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण स्थिति — घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है। हालांकि, हत्या के पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि परिजनों का कहना है कि देवराज का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।



