Latehar: झारखंड में डायन-बिसाही और अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी बानगी लातेहार के नेतरहाट थाना क्षेत्र में देखने को मिली। मंगलवार को दौना गांव में 15 ग्रामीणों के एक समूह ने पंचायत बुलाई और एक बुजुर्ग को ‘डायन’ करार देकर उनके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित के बेटे बृजेश मुंडा ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को जबरन पेशाब पिलाया गया और उनकी मां के साथ भी ऐसा ही करने की कोशिश की गई।
सड़क दुर्घटना को बताया ‘काले जादू’ का असर
इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह एक हालिया सड़क दुर्घटना है। गांव में एक महिला की मौत सड़क हादसे में हो गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह मौत हादसा नहीं, बल्कि बुजुर्ग के ‘काले जादू’ का नतीजा है। इसी सनक में ग्रामीणों ने पहले बैठक की और फिर बुजुर्ग दंपत्ति पर टूट पड़े। जब एक स्थानीय महिला स्वास्थ्यकर्मी ने इस अमानवीय कृत्य को रोकने की कोशिश की, तो भीड़ ने उन्हें भी बुरी तरह पीटा और वहां से भगा दिया।
पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बुधवार को जब वे शिकायत लेकर नेतरहाट पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो उन्हें वहां से बैरंग वापस भेज दिया गया। बेटे बृजेश मुंडा के अनुसार, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें टाल दिया। दूसरी ओर, लातेहार एसपी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है और एक टीम गांव जाकर पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, एसपी के मुताबिक अभी तक घटना की पुष्टि नहीं हो पाई है और न ही कोई फॉर्मल केस दर्ज हुआ है।
निशाने पर ‘डायन-बिसाही’ कुप्रथा
झारखंड में कड़े कानूनों के बावजूद इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर दहशत और गुस्सा दोनों है। स्वास्थ्यकर्मी के पति ने भी अपनी पत्नी पर हुए हमले की पुष्टि की है। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। प्रशासन की ढिलाई और ग्रामीणों का अंधविश्वास एक बार फिर एक निर्दोष परिवार पर भारी पड़ा है।
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