Ranchi : मांडर प्रखंड के ब्राम्बे में मुस्लिम संगठनों ने हाथों में तख्तियां लेकर झारखंड सरकार से न्याय, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि माॅबलीचिंग विधेयक 2021 में संशोधन कर मानसून सत्र में लागू किया जाए, ताकि राज्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। इसके साथ ही रांची मेन रोड गोलीकांड (10 जून 2022) की प्राथमिकी को पत्थलगड़ी केस की तर्ज पर समाप्त करने तथा रामगढ़ अफताब अंसारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी रखी गई।
संगठनों ने शिक्षा और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि सहायक आचार्य भाषा विषय में आलिम डिग्रीधारी अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया जाए और माध्यमिक आचार्य उर्दू पद पर फाजिल डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को शामिल किया जाए। इसके साथ ही उर्दू एकेडमी का गठन करने की भी मांग की गई।
इस मौके पर आमया संगठन के अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को आबादी के अनुपात में अधिकार अब तक नहीं मिला है। जमीयतुल मोमेनीन चौरासी के सदर मजीद अंसारी ने कहा कि न्याय और सम्मान से जुड़े मामलों को तुरंत हल किया जाना चाहिए। अंजुमन इस्लामिया मांडर के सदर नुरूला हबीब नदवी ने याद दिलाया कि झारखंड आंदोलन में मुस्लिम समुदाय की भूमिका अहम रही है, इसलिए सरकार को उनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।



