Jharkhand News: हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल संसद में लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान उन्होंने देश के करोड़ों सहारा इंडिया निवेशकों की पीड़ा को संसद पटल पर रखा और सरकार से इस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

सांसद ने बताया कि कैसे देशभर में करोड़ों गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के लोगों ने सहारा इंडिया में अपनी गाढ़ी कमाई निवेश की थी, ताकि ज़रूरत के समय उसका इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर बनाने में कर सकें। लेकिन कई वर्षों से यह निवेशक अपनी राशि पाने को संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सहारा इंडिया की संपत्तियों को जब्त करने और सेबी के जरिए भुगतान की प्रक्रिया शुरू की है, जो सराहनीय है। लेकिन यह प्रक्रिया बेहद धीमी है। आम जनता की उम्मीदें लगातार टूट रही हैं।

मनीष जायसवाल ने संसद में मांग की कि सरकार लंबित राशि के भुगतान को शीघ्रता और पारदर्शिता से निपटाए। उन्होंने विशेष रूप से सहारा इंडिया के अभिकर्ताओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया जो अपने निवेशकों को वर्षों से आश्वासन देते आ रहे हैं और अब खुद मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इन अभिकर्ताओं पर अक्सर निवेशक गुस्सा निकालते हैं, जबकि वे स्वयं पीड़ित हैं और अपने क्षेत्र में बदनाम हो चुके हैं। इसलिए सरकार को निवेशकों के साथ-साथ अभिकर्ताओं के पक्ष में भी कदम उठाने चाहिए।

सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस विषय को तब तक उठाते रहेंगे जब तक कि करोड़ों भारतीयों को उनका पैसा वापस नहीं मिल जाता।

Share.
Exit mobile version