रांची : झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्रीय आम बजट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को “बड़ा पैकेट, शून्य धमाका” बताते हुए कहा कि यह झारखंड जैसे पिछड़े और कृषि-आधारित राज्यों के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। मंत्री का कहना है कि बजट में न तो किसानों के हित में कोई ठोस प्रावधान है और न ही कृषि विकास को लेकर केंद्र सरकार का कोई स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है।
शिल्पी नेहा तिर्की ने आरोप लगाया कि यह बजट आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर ‘पिक एंड चूज’ नीति के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा राज्यों को बड़े पैकेज देकर लाभ पहुंचाया गया, जबकि झारखंड जैसे राज्यों को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया गया। यह रवैया संघीय ढांचे और समान विकास की भावना के विपरीत है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड में सीमांत और छोटे किसानों की संख्या अधिक है, जिनके लिए बीज, उर्वरक, सिंचाई, फसल बीमा और कृषि ऋण जैसी बुनियादी जरूरतों पर विशेष निवेश की आवश्यकता है। लेकिन आम बजट में इन मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की नीतिगत उपेक्षा का सीधा असर राज्य की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्यों को उनके वास्तविक विकास की जरूरतों के अनुसार न्यायपूर्ण और समावेशी तरीके से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि झारखंड के किसानों को भी आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।



