Jharkhand News: बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के ब्लॉक-2 जमुनिया इलाके में मंगलवार की रात अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध रूप से बंद खदान में कोयला निकालने के प्रयास में चाल धंसने से 6 से अधिक मजदूरों की मौत की आशंका है, जबकि 12 से अधिक मजदूरों के अंदर फंसे होने की खबर है। हालांकि, अभी तक प्रशासन और बीसीसीएल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कैसे हुआ हादसा?

मंगलवार की रात करीब दो दर्जन मजदूर जमुनिया शिव मंदिर के पास स्थित बीसीसीएल की बंद खदान में अवैध खनन कर रहे थे। खनन के दौरान एक पिलर के पीछे भरे पानी की जानकारी मजदूरों को नहीं थी। जैसे ही मजदूरों ने अनजाने में उस कोयले के पिलर को काटा, तेज बहाव से पानी अंदर भरने लगा और देखते ही देखते खदान का एक बड़ा हिस्सा धंस गया।

इस अप्रत्याशित स्थिति में मजदूर बचने के लिए भागने लगे, लेकिन कई मजदूर धंसती चाल में ही फंस गए और 6 से अधिक की मौके पर मौत की आशंका जताई जा रही है। अंदर फंसे मजदूरों की कोई जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है।

स्थानीय लोगों और नेताओं का आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बताया कि कोयला माफिया चुनचुन की अगुवाई में यह अवैध खनन चल रहा था, जिसे प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

झारखंड के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधायक सरयू रॉय ने इस संबंध में एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“बाघमारा, धनबाद के जमुनिया इलाके में अवैध खनन की चाल धंसने से 9 मजदूरों की मौत हो गई है। अवैध खनन माफिया शवों को ठिकाने लगाने में जुटे हैं। इसकी सूचना मैंने धनबाद एसएसपी को दे दी है।”

घटनास्थल पर अफरा-तफरी, मीडिया को रोका गया

हादसे के तुरंत बाद, कोयला माफिया के गुर्गे मौके पर पहुंच गए और खदान को मशीनों से भरने का कार्य शुरू कर दिया। इस दौरान किसी को भी घटना स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई, यहां तक कि मीडिया कर्मियों और स्थानीय लोगों को भी दूर रखा गया।

बताया जा रहा है कि इस खदान में पहले भी कई बार अवैध खनन किया गया है और प्रशासनिक संरक्षण में यह कारोबार फलता-फूलता रहा है।

प्रशासन और बीसीसीएल मौन

घटना के 12 घंटे बाद भी न तो धनबाद जिला प्रशासन, और न ही बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने आया है। इससे आम जनता में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि वक्त रहते राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया जाता, तो शायद कुछ मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।

खदान में फंसे मजदूरों की तलाश अधर में

स्थानीय लोग बता रहे हैं कि फंसे हुए मजदूरों को बचाने के लिए कोई रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जा रहा है। बीसीसीएल की मशीनें फिलहाल खदान को बंद करने में लगी हुई हैं, जिससे अंदेशा है कि माफिया सबूत मिटाने में जुटे हैं।

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