रांची: राजधानी के होटल रैडिशन ब्लू में शुक्रवार को चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (CA) का एक महत्वपूर्ण जमावड़ा लगा। मौका था ‘इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) की ‘मेंबर्स इन इंडस्ट्री एंड बिजनेस कमिटी’ द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार का। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र इनकम टैक्स एक्ट 2025 के नए प्रावधान और उनके व्यावहारिक प्रभाव रहे।

पारदर्शिता ही विकास की कुंजी

सेमिनार का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजेश झा (IRS), मुख्य आयकर आयुक्त, रांची ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कर प्रणाली में पारदर्शिता और अनुपालन (Compliance) के महत्व को रेखांकित किया। झा ने कहा कि नए एक्ट का उद्देश्य करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को बोझिल बनाने के बजाय सरल और प्रभावी बनाना है। उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को राष्ट्र निर्माण का सारथी बताते हुए अपील की कि वे करदाताओं को सही दिशा दिखाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें।

प्रोफेशनल स्किल्स पर जोर

ICAI के सेंट्रल काउंसिल सदस्य और कमिटी के अध्यक्ष सीए (डॉ) अनुज गोयल ने बताया कि उनकी समिति उद्योग जगत में कार्यरत सीए सदस्यों के कौशल विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने उद्योग और संस्थान के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

क्या बदलेगा ‘इनकम टैक्स रूल-2025’ से?

तकनीकी सत्र में दिल्ली के विशेषज्ञ सीए अविनाश गुप्ता ने नए नियमों की बारीकियों को समझाया। उन्होंने बताया कि आयकर नियम 2025 पूरी तरह से डिजिटल और डेटा-आधारित होने वाला है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्न हैं:

  • रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को और अधिक सहज बनाया गया है।

  • छूट (Exemptions) और कटौती (Deductions) के ढांचे को सरल किया गया है।

  • डेटा विश्लेषण के जरिए कर चोरी रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।

दूसरे सत्र में सीए पुरुषोत्तम प्रसाद सिंह ने इनकम टैक्स एक्ट 2025 के व्यापक बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह एक्ट केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि कर संरचना में एक क्रांतिकारी बदलाव है। सत्र के अंत में विशेषज्ञों ने उपस्थित सीए सदस्यों की शंकाओं का समाधान किया और उनके पेचीदा सवालों के जवाब दिए।

कार्यक्रम की शुरुआत में रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनिश जैन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे सेमिनार प्रोफेशनल अपडेट के लिए अनिवार्य हैं। कार्यक्रम में भारी संख्या में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और वित्तीय विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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