New Delhi: दिल्ली की संसद में आज सुबह से ही जो माहौल है, उसे देखकर लग रहा है कि मामला काफी गरमा गया है। बुधवार सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने आसमान सिर पर उठा लिया। अभी प्रश्नकाल ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था कि सदन में ‘नरेंदर सरेंडर’ के नारे गूंजने लगे।
असली लड़ाई तो लोकसभा अध्यक्ष यानी स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव को लेकर है। आज इस अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का दूसरा दिन है। कल करीब सात घंटे तक इस पर खूब बहस हुई थी और आज बाकी बचे तीन घंटों में हंगामा और भी बढ़ने वाला है। सबकी निगाहें गृह मंत्री अमित शाह पर टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि आज वे सदन में खड़े होकर विपक्ष के एक-एक आरोप की बखिया उधेड़ेंगे।
अब आपको बता दें कि ये पूरा लफड़ा शुरू कैसे हुआ। कल विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला जी पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का तो सीधा आरोप है कि बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बार-बार बोलने से रोका गया। उनका कहना है कि करीब 20 बार राहुल गांधी को टोका गया और उन्हें रूल बुक दिखाकर बैठा दिया गया। विपक्ष का कहना है कि वे अपनी बात कहना चाहते हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाई जा रही है।
दूसरी तरफ, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तो साफ कह दिया कि स्पीकर साहब पूरी निष्पक्षता से काम कर रहे हैं और विपक्ष के आरोप निराधार हैं। कुल मिलाकर कहें तो आज सदन में माहौल काफी तनावपूर्ण है और देखना होगा कि शाह साहब के संबोधन के बाद विपक्ष का अगला कदम क्या होता है।
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