Ranchi : बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कारोबारी योगेंद्र तिवारी को गुरुवार को बड़ी कानूनी हार का सामना करना पड़ा। रांची स्थित PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष अदालत ने उनकी डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया।
ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने योगेंद्र तिवारी के खिलाफ करोड़ों रुपये की अवैध कमाई और उसे वैध दिखाने की गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाया था। इस मामले में तिवारी की ओर से दलील दी गई थी कि उनके खिलाफ दर्ज मामला टिकाऊ नहीं है और उन्हें आरोपमुक्त किया जाना चाहिए। वहीं, ED की ओर से ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट में जवाब दिया गया।
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाते हुए अदालत ने साफ कहा कि आरोप गंभीर हैं और जांच के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इससे पहले भी इस मामले में अन्य आरोपियों की डिस्चार्ज याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
गौरतलब है कि योगेंद्र तिवारी वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं, लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके खिलाफ मामला और मजबूत हो गया है। अब इस केस की सुनवाई अगले चरण में जाएगी, जिससे तिवारी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।



