New Delhi: भारत के खिलाफ साजिश रचने वाला आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लश्कर अब महिलाओं को ‘ऑपरेशनल’ भूमिकाओं के लिए तैयार कर रहा है। इसके लिए पाकिस्तान में एक विशेष ‘मरकज’ (आतंकी अड्डे) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर तेज कर दिया गया है। यहां महिला कैडरों को आतंकवादी गतिविधियों और ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियों के लिए कड़ा प्रशिक्षण देने की योजना है।
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अब तक लश्कर अपनी महिला विंग का उपयोग केवल सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों तक ही सीमित रखता था। लेकिन हाल ही में महिला विंग की प्रमुख इफ्फत सईद के बयानों ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। उनके संकेतों से साफ है कि आने वाले समय में महिलाओं को आतंकी संगठन की सक्रिय और घातक भूमिकाओं में तैनात किया जा सकता है।
आतंकी कमांडरों की सक्रियता बढ़ी
खबरों के मुताबिक, लश्कर के कुख्यात कमांडर अब्दुर रऊफ ने हाल ही में ‘मरकज कुबा अल इस्लाम’ का दौरा किया। इस परिसर में पिछले कुछ महीनों से विस्तार का काम चल रहा है, जिसे विशेष रूप से महिलाओं की ट्रेनिंग के अनुकूल बनाया जा रहा है। इस दौरे को संगठन की रणनीति में बड़े बदलाव और महिला विंग को फ्रंटलाइन पर लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
रिपोर्ट्स बताती हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस निर्माणाधीन मरकज को नुकसान पहुंचा था, लेकिन हाल ही में सामने आए एक वीडियो से पता चला है कि वहां गतिविधियां दोबारा शुरू हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठनों द्वारा महिलाओं का इस्तेमाल करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन दक्षिण एशिया में लश्कर जैसे संगठन का यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए नई और कठिन चुनौतियां खड़ी कर सकता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।



