Kota: राजस्थान की ‘शिक्षा नगरी’ कोटा से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे देश को रुला दिया है। शनिवार की रात तलवंडी इलाके में एक तीन मंजिला इमारत अचानक खंडहर में तब्दील हो गई। इस भीषण हादसे में पश्चिम बंगाल के 20 वर्षीय होनहार छात्र आर्यन और एक अन्य व्यक्ति की मलबे में दबने से मौत हो गई।

चीख-पुकार और भयावह मंजर

रात के करीब 9 बज रहे थे, तलवंडी के इस रेस्टोरेंट में छात्र और स्थानीय लोग रोज़ की तरह खाना खा रहे थे। तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और पल भर में पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंजर इतना खौफनाक था कि मलबे के बाहर लोगों के हाथ-पांव दिखाई दे रहे थे और अंदर से मदद के लिए दर्दनाक चीखें आ रही थीं। एसडीआरएफ (SDRF) और पुलिस ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 8 गंभीर घायलों को बाहर निकाला।

लापरवाही की ‘ड्रिल’ ने ली जान?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई प्राकृतिक हादसा नहीं बल्कि मानव-निर्मित त्रासदी है। पिछले कई दिनों से इमारत के ठीक पीछे हैमर और ड्रिल मशीनों से अवैध खुदाई चल रही थी। तेज वाइब्रेशन की वजह से बिल्डिंग की नींव हिल चुकी थी। शनिवार रात जब ‘पटाखे’ जैसी आवाज़ आई, तो किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

सपनों का अंत

मृतक छात्र आर्यन अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर कोटा आया था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और बिल्डर की मनमानी ने उसके सफर को यहीं रोक दिया। जिला कलेक्टर ने घायलों के इलाज के निर्देश दिए हैं, लेकिन इस घटना ने रिहायशी इलाकों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते निर्माण कार्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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