रामगढ़/छपरा: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक, जेईई मेंस (JEE Mains) की शुचिता को भंग करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। रामगढ़ के राधा गोविंद विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र में हुई धांधली की कड़ियाँ अब बिहार के छपरा जिले से जुड़ रही हैं। इस पूरे खेल का असली खिलाड़ी अमिया भूषण उर्फ काकू है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए रामगढ़ पुलिस ने जाल बिछा दिया है।

अमिश भूषण से ‘काकू’ बनने का सफर

रामगढ़ थाने में दर्ज मामले के बाद जब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की, तो हर जुबान पर एक ही नाम था—‘काकू’। पुलिस ने जब इस गुमनाम नाम की तहकीकात शुरू की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। काकू कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि बिहार के छपरा का रहने वाला 35 वर्षीय अमिया भूषण है। पुलिस की एक विशेष टीम जब छपरा पहुंची, तो वहां काकू का रसूख देखकर दंग रह गई। गांव में उसका आलीशान दो मंजिला मकान है, जिसमें कई किराएदार रहते हैं। पड़ोसियों और जांच से पता चला कि उसके पास स्कॉर्पियो और एंडेवर जैसी महंगी और लग्जरी गाड़ियों का काफिला रहता है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही शातिर काकू अपनी गाड़ियों समेत फरार हो चुका था।

ठगी का ऐसा जाल कि पत्नी ने भी छोड़ा साथ

अमिया भूषण उर्फ काकू की ठगी की दास्तान केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। वह नौकरी लगाने और परीक्षा पास कराने के नाम पर अनगिनत युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर चुका है। सूत्रों के अनुसार, उसकी आपराधिक गतिविधियों और लोगों को चूना लगाने की आदत से तंग आकर उसकी पत्नी भी उसे छोड़ चुकी है। वह फिलहाल अपने बच्चों से दूर किसी दूसरे राज्य में छिपकर पुलिस से बच रहा है।

सॉल्वर गैंग का नेटवर्क: टीसीएस कर्मचारी भी शामिल

इस धांधली की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) के कर्मचारी राजेश ठाकुर और उसके सहयोगी रविशंकर भी इस खेल में शामिल पाए गए हैं। रिमांड पर लिए गए इन आरोपियों ने बताया कि काकू न केवल सॉल्वर उपलब्ध कराता था, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर सिस्टम बदलने और सेंटर सेटिंग करने में भी माहिर था। रामगढ़ पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य ने पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आत्मसमर्पण कर दिया है।

देशव्यापी खुलासे की उम्मीद

रामगढ़ पुलिस काकू के बेहद करीब पहुंच चुकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि काकू की गिरफ्तारी केवल झारखंड या बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे देश के विभिन्न राज्यों में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली के कई चौंकाने वाले राज खुलेंगे। वर्तमान में पुलिस तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट के आधार पर काकू के नए ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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