Ranchi News : राजधानी रांची के हिन्दपीढ़ी इलाके में आगामी 4 अगस्त को झारखंड विधानसभा घेराव को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में झारखंड की स्थानीय नीति, पिछड़ा वर्ग आरक्षण, मॉब लिंचिंग कानून, मुस्लिम समुदाय के न्याय अधिकार, हज यात्रा, उर्दू शिक्षा और मदरसा डिग्री मान्यता जैसे 20 प्रमुख मुद्दों पर रणनीति तय की गई।

बैठक की अध्यक्षता मरकजी इदरीसीया चौरासी पंचायत के सदर मो. इस्लाम ने की, जबकि संचालन समाजसेवी खालिद उमर ने किया। आमया संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एस. अली ने रामगढ़ में हुए अफताब अंसारी हत्याकांड की CBI जांच की मांग की और कहा कि विधानसभा घेराव के माध्यम से सरकार तक 20 सूत्री मांगों को पहुंचाया जाएगा।

बैठक में रखी गई प्रमुख मांगों में स्थानीय नीति और नियोजन नीति को तुरंत लागू करना, पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को आबादी के अनुपात में बढ़ाना, मॉब लिंचिंग विधेयक 2021 को तत्काल लागू करना शामिल है। इसके अलावा, झारखंड के हज यात्रियों के लिए रांची एयरपोर्ट से हज यात्रा शुरू करने, फाजिल और बीएड धारकों को उर्दू माध्यमिक आचार्य नियुक्ति नियमावली में शामिल करने, आलिम एवं फाजिल डिग्री की परीक्षाएं रांची विश्वविद्यालय से कराने और उर्दू शिक्षकों के हजारों खाली पदों को भरने की मांग की गई।

बैठक में झारखंड राज्य उर्दू अकादमी के गठन, अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मुफ्त UPSC, JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग योजना, अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में +2 विद्यालय खोलने और MSDP/PMJVK के अंतर्गत बने शैक्षणिक संस्थानों में अल्पसंख्यकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

अल्पसंख्यक प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना को दोबारा शुरू करने, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना में अल्पसंख्यक युवाओं के लिए बजट बढ़ाने, संथाल परगना में बंगला भाषी मुसलमानों को घुसपैठिया बताकर हो रही प्रताड़ना को रोकने और 10 जून 2022 को रांची गोलीकांड पीड़ितों को न्याय दिलाने की भी मांगें शामिल हैं।

बैठक में यह भी कहा गया कि मुस्लिम समुदाय की सरकारी और निजी नौकरियों में आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित की जाए, बुनकर और सिलाई पेशे से जुड़े लोगों को सरकारी संस्थानों से कार्य और ठेके दिए जाएं और सरकारी भूमि पर स्थित मुस्लिम धार्मिक स्थलों को कानूनी मान्यता प्रदान की जाए।

इस मौके पर वरिष्ठ समाजसेवी हाजी सलाउद्दीन, मन्नवर अली भुट्टो, मो. जहांगीर, साजिद उमर, मो. मजीद, सोनू, मो. अंजर, सज्जाद इदरीसी, फिरोज जिलानी, मो. प्रवेज, मो. मासूक, मो. मेराज, मो. शकील, मो. नौशाद, अंजुमन रांची के लतीफ आलम, वरिष्ठ पत्रकार फिरोज जिलानी और जमीयतुल मोमेनीन चौरासी के अरशद जिया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि यह आंदोलन झारखंड के मुस्लिम समुदाय और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है और विधानसभा घेराव के माध्यम से सरकार को मजबूर किया जाएगा कि वह इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई करे।

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