Jharkhand News: जमशेदपुर के गोलमुरी इलाके में पति-पत्नी के आपसी विवाद ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है, जिसका सीधा असर मासूम बच्चों पर पड़ा है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है, और दोनों पक्षों ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दे दी है। इस बीच, बच्चों की देखरेख और कस्टडी को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है।

पत्नी श्वामिष्ठा साहा (सरकार) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पति सौरभ सरकार ने विवाद के चलते दोनों बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के हवाले कर दिया। उनका कहना है कि बच्चों को शेल्टर होम भेजना एक अमानवीय कदम है और इससे उनकी मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

श्वामिष्ठा ने यह भी आरोप लगाया कि पति और उनके परिवार के सदस्य उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने उप-विभागीय पदाधिकारी, धालभूम, जमशेदपुर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि बच्चों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाए। श्वामिष्ठा का दावा है कि उन्होंने बच्चों की देखभाल के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी है और वे पूरी निष्ठा से बच्चों की परवरिश करना चाहती हैं।

शहर में ऐसे पारिवारिक विवादों की संख्या बढ़ रही है, जहां पति-पत्नी की लड़ाई का असर मासूम बच्चों पर हो रहा है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में बच्चों को माता-पिता दोनों के प्यार और सहयोग की आवश्यकता होती है, अन्यथा उनका मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि बच्चों के हित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

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