Ramgarh News : झारखंड के रामगढ़ जिले के लारी कला गांव में बुधवार को जमिअतुल मोमेनिन चौरासी झारखंड का एक प्रतिनिधिमंडल मरहूम आफताब अंसारी के घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत आफताब के परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और इस कठिन घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
परिवार के हालात बेहद मुश्किल
मरहूम आफताब अंसारी अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में मां, पत्नी, भाई और एक दस साल की बेटी है। उनके निधन के बाद परिवार भरण-पोषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मुलाकात के दौरान यह भी सामने आया कि अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है।
सरकार को सौंपा गया ज्ञापन
जमिअतुल मोमेनिन चौरासी ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखी हैं:
- पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
- मृतक आफताब अंसारी के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएं।
- आफताब अंसारी की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे परिवार का जीवनयापन सुचारू रूप से चल सके।
- घटना से जुड़े टाइगर फोर्स पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में कई सदस्य रहे मौजूद
परिवार से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मास्टर सादिक अंसारी, मो शमीम अख्तर, शोएब अंसारी, मो जबीउललाह, अतिकुररहमान, फिरोज अख्तर, सरताब आलम, मो जैदी, अब्दुल्लाह सोनु, शकील अंसारी सहित कई सदस्य शामिल थे।
संवेदना और न्याय की लड़ाई
जमिअतुल मोमेनिन ने कहा कि आफताब अंसारी की मौत केवल उनके परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का नुकसान है। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत कार्रवाई कर परिवार को न्याय दिलाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।



