Tel Aviv, (Israel): मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता हासिल करने का दावा किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार, 6 मई को लेबनान की राजधानी बेरूत में की गई एक बड़ी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की। इस ‘प्रेसिजन स्ट्राइक’ में हिज्बुल्लाह की सबसे खतरनाक विंग ‘रादवान फोर्स’ के ऑपरेशन्स कमांडर अहमद बलूत (मालेक बलूत) को मार गिराया गया है।
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‘उत्तरी विजय’ की साजिश हुई नाकाम
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अहमद बलूत वही कमांडर था, जिसने इजरायल के उत्तरी हिस्से पर कब्जा करने और वहां तबाही मचाने की योजना का नेतृत्व किया था। नेतन्याहू ने कहा, “हिज्बुल्लाह के नेतृत्व को यह गलतफहमी थी कि वे बेरूत के गुप्त मुख्यालयों में छिपकर हमारे नागरिकों पर हमले जारी रख सकते हैं, लेकिन हमारी इंटेलिजेंस ने उनके इस भ्रम को पूरी तरह तोड़ दिया है।” उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी इजरायल की सुरक्षा को खतरे में डालेगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
एक झटके में खत्म हुए कई टॉप अधिकारी
इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) और इंटेलिजेंस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बेरूत के दक्षिणी उपनगर (दहिया) में एक अपार्टमेंट को निशाना बनाया गया, जहां रादवान यूनिट के नेता बैठक कर रहे थे। इस हमले में केवल बलूत ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी भी मारे गए हैं:
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मोहम्मद अली बाजी: नासेर यूनिट के इंटेलिजेंस प्रमुख।
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हुसैन हसन रोमानि: एयर डिफेंस ऑब्जर्वेशन ऑफिसर।
इजरायली सेना ने बताया कि पिछले एक महीने में हिज्बुल्लाह के 200 से अधिक लड़ाकों को ढेर किया जा चुका है।
युद्धविराम के बीच बढ़ता तनाव
यह हमला उस समय हुआ है जब 17 अप्रैल से लागू हुए युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। हिज्बुल्लाह ने हाल ही में इजरायली सैनिकों पर कई रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इजरायल ने लेबनान के करीब 15 ठिकानों और हथियार भंडारण केंद्रों को तबाह कर दिया।
लेबनान में मानवीय संकट गहराया
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च से अब तक जारी इस संघर्ष में 2,715 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 8,353 लोग घायल हुए हैं। सबसे भयावह स्थिति विस्थापन की है, जहां लगभग 16 लाख लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं।
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