World News: ईरान में इस वक्त जो हालात हैं, उसे सुनकर रूह कांप जाएगी। वहां की सरकार (खामेनेई शासन) ने अपनी ही जनता पर ऐसा जुल्म ढाया है कि पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। पिछले 84 घंटों से वहां न फोन चल रहा है और न इंटरनेट। लोग अपने सगे-संबंधियों की आवाज सुनने को तरस गए हैं, मानो पूरे देश को ‘डिजिटल जेल’ में तब्दील कर दिया गया हो।
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ट्रंप की ‘सैन्य घुड़की’ और ईरान का सरेंडर?
इस कनकनी (तनाव) के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है और इसी डर से ईरानी नेताओं ने फोन घुमाया है और बातचीत की गुहार लगाई है। हालांकि, ईरानी संसद के स्पीकर ने भी पलटवार किया है कि अगर अमेरिका घुसा तो वो उनके मिलिट्री बेस को उड़ा देंगे। लेकिन जिस तरह से इंटरनेट ब्लैकआउट किया गया है, उससे साफ है कि खामेनेई सरकार अंदर ही अंदर डरी हुई है और सच को दुनिया से छिपाना चाहती है।
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