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Bengaluru: भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए 17 फरवरी को बेंगलुरु में ‘6वां वार्षिक रक्षा संवाद’ आयोजित किया जा रहा है। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वाउटरिन संयुक्त रूप से करेंगे। इस दौरान एक ऐतिहासिक क्षण तब आएगा जब पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच 125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।
रक्षा उद्योग में 10 साल का नया रोडमैप
इस संवाद में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। मुख्य फोकस रक्षा उद्योग में साझेदारी और ‘ज्वाइंट वेंचर्स’ पर रहेगा।
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हैमर मिसाइल (Hammer Missiles): भारत में ही इन मिसाइलों के संयुक्त निर्माण के लिए समझौते की प्रबल संभावना है।
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सैन्य तैनाती: दोनों देशों की सेनाओं के बीच अधिकारियों की आपसी तैनाती (Exchange of Officers) को लेकर भी बड़ी घोषणा हो सकती है।
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नियमित अभ्यास: ‘शक्ति’, ‘वरुणा’ और ‘गरुड़’ जैसे अभ्यासों की समीक्षा कर उन्हें और आधुनिक बनाया जाएगा।
राफेल की नई खेप को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए नए मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट राफेल की खरीद को हरी झंडी दे दी है। पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी ताकत साबित करने वाले राफेल विमानों की संख्या अब वायुसेना के बेड़े में बढ़ाई जाएगी। खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर विमानों का निर्माण भारत में ही होगा, जिससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बल मिलेगा।
एक मजबूत रणनीतिक स्तंभ
अक्टूबर 2025 में कार्यभार संभालने के बाद फ्रांसीसी रक्षा मंत्री कैथरीन वाउटरिन की यह पहली भारत यात्रा है। भारत और फ्रांस के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में काफी गहरे हुए हैं। 2023 में पीएम मोदी का फ्रांस के बास्तील दिवस में शामिल होना और 2024 में राष्ट्रपति मैक्रों का भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना, इस अटूट भरोसे का प्रतीक है।

