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Leh: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार से केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके इस दौरे को लद्दाख के प्रशासनिक और राजनीतिक भविष्य के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। अपनी यात्रा के पहले दिन वे केंद्रशासित प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद करेंगे।
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आध्यात्मिक और राजनीतिक संदेश— 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमित शाह भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गृहमंत्री 1 से 14 मई तक चलने वाली पवित्र प्रदर्शनी के आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचार भी साझा करेंगे। उन्होंने कहा कि “हां, यह दौरा लद्दाख के विकास और जन-आकांक्षाओं के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
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वार्ता का नया दौर: 22 मई को होगी बैठक— इस दौरे के बीच गृह मंत्रालय ने एक बड़ा ऐलान किया है। लद्दाख की स्थानीय मांगों और मुद्दों को सुलझाने के लिए 22 मई को एक उच्च स्तरीय उप-समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी। करीब साढ़े तीन महीने के अंतराल के बाद होने वाली यह बातचीत लद्दाख के लिए एक स्थायी समाधान निकालने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा न केवल विकास की समीक्षा है, बल्कि स्थानीय संगठनों के साथ विश्वास बहाली का एक प्रयास भी है।
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