Ranchi : झारखंड मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को पतरातू सुपर थर्मल पावर स्टेशन और राज्य के विभिन्न ग्रिड परियोजनाओं के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लिए हैं। 3×800 मेगावाट पतरातू पावर स्टेशन के संचरण लाइन परियोजना की कुल पुनरीक्षित राशि 1842.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया। निर्माणाधीन 400 केवी चन्दवा-लातेहार और 400 केवी पतरातू-लातेहार संचरण लाइन में कंडक्टर एवं टावर पार्ट की चोरी के बाद CCIE की अनुशंसा के आधार पर योजना की तृतीय पुनरीक्षित राशि 1871.02 करोड़ रुपये (1.56% वृद्धि, 28.77 करोड़ रुपये अधिक) को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में झारखंड ऊष्मा संचरण निगम लिमिटेड के लिए उपबंधित राशि के विरुद्ध 28.77 करोड़ रुपये विमुक्त करने की स्वीकृति भी दी गई।

राज्य में अन्य प्रमुख परियोजनाओं के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • 132 केवी मैथन-टुण्डी संचरण लाइन: 126.18 करोड़ रुपये
  • 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन, सिन्दरी (हर्ल): 74.95 करोड़ रुपये
  • 220 केवी गोविन्दपुर-टीटीपीएस संचरण लाइन हेतु मैथन ग्रिड सब-स्टेशन: 173.10 करोड़ रुपये
  • 220/132/33 केवी GIS सब-स्टेशन, मैथन (संजय चौक): 172.88 करोड़ रुपये
  • 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन, ITI मोड़ चास: 74.95 करोड़ रुपये
  • 220 केवी बलियापुर-मैथन संचरण लाइन: 174.36 करोड़ रुपये
  • 132 केवी बलियापुर-सिन्दरी संचरण लाइन: 67.59 करोड़ रुपये
  • 132/33 केवी GIS सब-स्टेशन, बिनोद बिहारी चौक, धनबाद: 113.43 करोड़ रुपये
  • 132 केवी चन्दनक्यारी-गोविन्दपुर संचरण लाइन: 77.66 करोड़ रुपये

इन सभी परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उपबंधित राशि के विरुद्ध विमुक्त की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि इन अनुमोदनों का उद्देश्य पावर ग्रिड की क्षमता बढ़ाना, संचालन को सुरक्षित और आधुनिक बनाना और बिजली वितरण में स्थायित्व लाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन अनुमोदनों से परियोजनाओं में हुई चोरी और लागत वृद्धि जैसी समस्याओं का समाधान होगा और झारखंड के ऊर्जा नेटवर्क की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

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