Jamshedpur News: मानगो थाना क्षेत्र के रोड नंबर-15 स्थित आकाश ग्रीन सोसायटी में अवैध निर्माण और दो कमरों पर कब्जे को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई है कि पुलिस ने अनुमंडल दंडाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है और कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है।
जानकारी के अनुसार सोसायटी में “ए” और “बी” ब्लॉक नाम से दो बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें कुल 72 फ्लैट बनाए गए हैं। मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा वर्ष 2018 में स्वीकृत भवन नक्शे के अनुसार निर्माण केवल ग्राउंड फ्लोर से छठे तल्ले तक ही अनुमत था, जिसकी अधिकतम ऊंचाई 20.10 मीटर निर्धारित की गई थी। लेकिन बिल्डर द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए छठे तल्ले के ऊपर पेंटहाउस और उससे ऊपर अतिरिक्त तल पर दो छोटे कमरों का निर्माण कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि ये दोनों कमरे मूल रूप से सोसायटी के सामुदायिक उपयोग के लिए बनाए गए थे, जहां रख-रखाव से जुड़ी सामग्री रखी जानी थी। इसके अलावा उसी तल पर कम्युनिटी हॉल और जिम भी बनाए गए हैं, जिनका उपयोग सभी निवासी करते हैं। इसके बावजूद “ए” ब्लॉक के ऊपर बने कमरे पर फ्लैट नंबर 602 में रहने वाले फिरोज खान ने कब्जा कर रखा है, जबकि “बी” ब्लॉक के ऊपर बने कमरे का उपयोग फ्लैट नंबर 603 के निवासी आतिफ हुसैन कर रहे हैं।
पुलिस जांच के दौरान फिरोज खान ने दावा किया कि उन्होंने यह कमरा वर्ष 2019 में आकाश इंडिया प्रोजेक्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब दो लाख रुपये में खरीदा है और यह उनकी पत्नी के नाम पर है। हालांकि पुलिस जांच में यह दावा संदिग्ध पाया गया, क्योंकि कोई वैध रजिस्ट्री दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। केवल बिल्डर के लेटरहेड पर एक साधारण कागज दिखाया गया, जिस पर किसी भी सरकारी निबंधन कार्यालय की मुहर नहीं है।
वहीं आतिफ हुसैन का कहना है कि उन्होंने कमरे का निजी स्वामित्व नहीं लिया है, बल्कि केवल अस्थायी रूप से पक्षी पालन के लिए उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि “ए” ब्लॉक का कमरा खाली कराया जाता है, तो वे भी अपना कमरा खाली कर देंगे। उनका आरोप है कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी को भी सामुदायिक संपत्ति का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता।
पुलिस पदाधिकारी द्वारा बिल्डर विशाल सावा के प्रतिनिधियों से  पूछताछ में स्वीकार किया कि कमरे की बिक्री नहीं की गई है, बल्कि आवंटन किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस अधिकार और नियम के तहत सामुदायिक उपयोग के लिए बने कमरे को किसी एक व्यक्ति को आवंटित किया गया।
इस पूरे मामले में बिल्डर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण कर नियमों का उल्लंघन किया गया है। इससे भवन की सुरक्षा और वैधता दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
मानगो थाना के जांच पदाधिकारी अवर निरीक्षक संजय कुमार द्वारा जिला प्रशासन को भेजे पत्र में कहा है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने अनुरोध किया है कि विवादित दोनों कमरों को कब्जा मुक्त कराया जाए और अवैध निर्माण के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब यह मामला प्रशासन के समक्ष है और सोसायटी के निवासी इस उम्मीद में हैं कि जल्द ही निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि परिसर में शांति और व्यवस्था बहाल हो सके।
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