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Patna News: राजधानी पटना में कड़ाके की ठंड का असर अब निर्माण कार्यों पर साफ दिखने लगा है। बीते करीब 15 दिनों से घरेलू निर्माण लगभग ठप है, लेकिन इसी बीच अवैध बालू कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। गंगा नदी और सोन नदी से जुड़े बालू माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं।
शहर की सड़कों पर बालू लादे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दोबारा दिखाई देने लगी हैं। ठंड के चलते मांग कम है, इसलिए बालू की कीमतों में भी गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि प्रति ट्रैक्टर ट्रॉली बालू की कीमत करीब 1000 रुपये तक कम हो गई है। इसी मौके को देखते हुए कई व्यापारी अभी बालू खरीदकर उसका भंडारण कर रहे हैं, ताकि आने वाले महीनों में मांग बढ़ने पर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।
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इधर जिला प्रशासन भी इस अवैध कारोबार पर नजर बनाए हुए है। दिसंबर महीने में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर अवैध बालू खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान मनेर इलाके से तीन नावें जब्त की गईं और सात लोगों की गिरफ्तारी हुई। प्रशासन ने करीब 34 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला।
दीघा इलाके में 28 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कर 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि बेउर मोड़ से नौ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर 10.5 लाख रुपये की कार्रवाई की गई। अवैध गतिविधियों पर रोक के लिए ड्रोन, हाईटेक बोट और मजबूत सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। संगठित गिरोहों पर अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो रही है।
रोहतास जिले में भी चोरी-छिपे बालू निकालने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब प्रशासन भंडारण स्थलों की जानकारी जुटाने में भी लगा है, ताकि अवैध कारोबार की पूरी चेन पर शिकंजा कसा जा सके।

