Health Desk: मौसम बदलते ही बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार होना एक आम समस्या है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार बीमार पड़ने की मुख्य वजह कमजोर इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) है? जब शरीर की सुरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, तो वायरस और बैक्टीरिया आसानी से हमला कर देते हैं। बच्चों को अंदर से मजबूत बनाने के लिए माता-पिता को इन 6 बुनियादी बातों पर ध्यान देना चाहिए:

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1. मां का दूध: बच्चे का पहला अमृत

शिशु के जन्म के बाद मां का गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह संक्रमण, एलर्जी, निमोनिया और दिमागी बुखार जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है। शिशुओं को कम से कम शुरुआती कुछ महीनों तक स्तनपान जरूर कराएं।

2. प्लेट में सजाएं ‘इंद्रधनुष’ (हरी सब्जियां और फल)

बच्चों के भोजन में गाजर, हरी बीन्स, संतरे और स्ट्रॉबेरी को शामिल करें। ये विटामिन-सी और कैरोटीन से भरपूर होते हैं, जो सीधे तौर पर सफेद रक्त कोशिकाओं (WBCs) को बढ़ाते हैं, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम होता है।

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3. भरपूर नींद है अनिवार्य

नींद की कमी इम्युनिटी को सीधा नुकसान पहुंचाती है।

  • नवजात: 18 घंटे की नींद।

  • छोटे बच्चे: 12 से 13 घंटे।

  • युवा बच्चे: कम से कम 10 घंटे की नींद जरूर लें।

4. ‘सेकेंड हैंड स्मोकिंग’ से बचाएं

घर के सदस्यों का धूम्रपान बच्चों के लिए जहर के समान है। सिगरेट और बीड़ी का धुआं बच्चों की नाजुक कोशिकाओं को नष्ट कर देता है और उनकी प्राकृतिक रोग नियंत्रण शक्ति को खत्म कर देता है। बच्चों के पास धूम्रपान कतई न करें।

5. एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल न करें

अक्सर माता-पिता हल्की खराश या जुकाम होते ही एंटीबायोटिक की मांग करते हैं। ध्यान रहे, एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया पर काम करते हैं, जबकि बचपन की ज्यादातर बीमारियां ‘वायरस’ की वजह से होती हैं। बेवजह दवाएं देने से बच्चे की प्राकृतिक इम्युनिटी कमजोर हो जाती है।

6. स्वच्छता की आदत (हाथ धोना)

बच्चों को बचपन से ही सिखाएं कि कुछ भी खाने से पहले या होंठों को छूने से पहले हाथ धोना जरूरी है। इसके अलावा, उनके खिलौने, तौलिया और रुमाल की सफाई समय-समय पर करते रहें ताकि कीटाणुओं का प्रसार रुक सके।

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