Tips & Tricks: अक्सर हम बाज़ार से खाने-पीने का सामान खरीदते समय केवल ‘लाल’ या ‘हरा’ निशान देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनके अलावा नीले, पीले और काले रंग के निशान भी फूड पैकेट पर मौजूद होते हैं? बच्चों को बचपन से ही इन संकेतों के बारे में जानकारी देना आवश्यक है ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बन सकें और सही उत्पाद का चुनाव कर सकें।

रंगों का खेल: जानें किस निशान का क्या है मतलब

खाने-पीने के सामान पर बने ये निशान हमें बताते हैं कि पैकेट के अंदर मौजूद सामग्री कैसी है:

  • हरा निशान (Green Dot): यह सबसे आम निशान है। इसका मतलब है कि उत्पाद शुद्ध शाकाहारी (Veg) है और इसमें किसी भी प्रकार का मांसाहारी तत्व नहीं मिलाया गया है।

  • लाल निशान (Red Dot): यह संकेत देता है कि प्रोडक्ट मांसाहारी (Non-Veg) है। इसमें मांस या उससे जुड़ी सामग्री का उपयोग किया गया है।

  • पीला निशान (Yellow Dot): कई लोग मांस नहीं खाते लेकिन अंडा खाते हैं। पीला निशान यह दर्शाता है कि उस प्रोडक्ट में अंडा (Egg) मिला हुआ है। शाकाहारी लोगों को इसे खरीदने से बचना चाहिए।

  • नीला निशान (Blue Dot): यदि किसी पैकेट पर आपको नीला निशान दिखे, तो इसका अर्थ है कि वह प्रोडक्ट मेडिकल या स्वास्थ्य (Supplement/Medical Grade) से जुड़ा है। इसमें विशेष पोषक तत्व या दवा के गुण हो सकते हैं।

  • काला निशान (Black Dot): यह सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है। काला निशान यह दर्शाता है कि उस खाद्य पदार्थ में भारी मात्रा में केमिकल्स (Chemicals) या प्रीजरवेटिव्स मिलाए गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे उत्पादों को खरीदने से बचना चाहिए।

अभिभावकों के लिए सलाह

बच्चों को जब भी दुकान पर ले जाएं, उन्हें पैकेट पलटकर इन निशानों को ढूंढना सिखाएं। उन्हें बताएं कि ‘काला निशान’ वाली चीजें उनकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यह न केवल उनकी जनरल नॉलेज बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें एक जागरूक उपभोक्ता (Aware Consumer) भी बनाएगा।

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