Social News: इंसान की सीमाएं आखिर कहां तक जा सकती हैं? इसका ताजा उदाहरण क्रोएशिया के फ्रीडाइवर विटोमिर मारिचिक ने पेश किया है। उन्होंने पानी के नीचे बिना सांस लिए 29 मिनट 3 सेकंड तक रहने का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि पिछले रिकॉर्ड से लगभग पांच मिनट ज्यादा है और इंसानी हिम्मत व क्षमता का हैरतअंगेज नमूना मानी जा रही है।
मारिचिक ने अपने ही देशवासी बुदीमीर सोबत का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2021 में यह कारनामा किया था। विशेषज्ञ बताते हैं कि इतनी देर तक सांस रोककर रहना सामान्य इंसान के लिए नामुमकिन है। लेकिन फ्रीडाइवर्स खास ट्रेनिंग और मानसिक अनुशासन की मदद से यह कर दिखाते हैं।
फ्रीडाइवर्स डायाफ्रामिक ब्रीदिंग, कार्डियो एक्सरसाइज और मेडिटेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनका शरीर ऑक्सीजन का ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर पाता है और दिमाग कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहता है। मारिचिक का कहना है कि इतने लंबे समय तक पानी के नीचे रहना आसान नहीं था। शरीर का डायफ्राम सिकुड़ने लगता है और सांस लेने की इच्छा और तेज हो जाती है। लेकिन ध्यान और अनुशासन ने उन्हें इस चुनौती को पार करने की ताकत दी।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब इंसान लंबे समय तक सांस रोककर रहता है तो खून में ऑक्सीजन कम होती जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने लगती है। एक समय ऐसा आता है जब डायफ्राम बार-बार सिकुड़कर इंसान को सांस लेने पर मजबूर करता है। यही स्थिति पानी में जानलेवा साबित हो सकती है। लेकिन प्रशिक्षित फ्रीडाइवर्स इस स्वाभाविक प्रतिक्रिया पर काबू पा लेते हैं और शरीर को ऑक्सीजन बचाने के लिए प्रशिक्षित कर लेते हैं।
रिकॉर्ड बनाने से पहले मारिचिक ने लगभग 10 मिनट तक गहरी सांसें लीं, जिससे उनके खून में सामान्य से कई गुना ज्यादा ऑक्सीजन जमा हो गई। यही वजह थी कि वे इतने लंबे समय तक पानी के भीतर टिके रहे।
यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि इंसान सही प्रशिक्षण और मानसिक दृढ़ता से उन सीमाओं को भी पार कर सकता है जो असंभव लगती हैं।



