Ramgarh News :रामगढ़ जिले के नेमरा की धरती 16 अगस्त को ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के अग्रदूत स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के संस्कार भोज में लाखों की भीड़ उमड़ी। नेमरा की माटी पर श्रद्धांजलि देने के लिए आमजन से लेकर विशिष्ट मेहमानों तक ने एकजुट होकर उन्हें भावभीनी विदाई दी।
संस्कार भोज के दौरान उपस्थित लोगों ने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दीऔर उनके जीवन के संघर्ष व योगदान को याद किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेनभावुक नजर आए। उन्होंने राज्य के कोने-कोने से आए लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जब बाबा दिल्ली के अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब जनता की दुआओं और समर्थन ने परिवार को संबल दिया। उन्होंने कहा कि भले ही बाबा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वे सदैव राज्य के पथ-प्रदर्शक और मार्गदर्शक के रूप में याद किए जाएंगे।
संस्कार भोज में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित अनेक मंत्री, सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधिभी शामिल हुए। सभी ने दिशोम गुरु को नमन करते हुए उनके साथ बिताए पलों को साझा किया और कहा कि उनका जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।
आमजन ने भी कहा कि दिशोम गुरु का जीवन संघर्षों से भरा था, लेकिन उन्होंने कठिनाइयों को अपना हथियार बनाकर आदिवासी चेतना जगाई। शोषण और अन्याय के खिलाफ उनकी उलगुलान आज भी प्रेरणा है। झारखंड राज्य का निर्माण उनके आंदोलन की ही देन रहा। वे त्याग और संघर्ष की जीवित मिसाल, संगठनकर्ता और सच्चे जननायक थे।
इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्था मुकम्मल रही। सुरक्षा से लेकर पार्किंग और भीड़ प्रबंधन तक सब कुछ योजनाबद्ध ढंग से हुआ। विशेष मेहमानों के लिए कड़ी सुरक्षा रही और आमजन के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वयं तैयारियों पर नजर रखे हुए थे।
नेमरा का यह संस्कार भोज केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि गुरुजी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प भी बना। लाखों लोगों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण थी कि “बाबा”जनता के दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।