रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में आज राज्य सरकार और इंडियन बैंक के बीच एक मील का पत्थर साबित होने वाला समझौता (MoU) संपन्न हुआ। प्रोजेक्ट भवन (झारखंड मंत्रालय) में आयोजित इस समारोह में राज्य के सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कर्मियों के लिए ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’ और ‘HRIS पैकेज’ पर मुहर लगाई गई।
जोखिम में साथ खड़ी सरकार और बैंक
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी अक्सर अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करते हैं। कोरोना काल की विभीषिका का जिक्र करते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि महामारी के उस अनिश्चित दौर ने हमें सिखाया कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए वित्तीय सुरक्षा कितनी अनिवार्य है। संक्रमण के खतरों के बीच काम करने वाले इन ‘कोरोना योद्धाओं’ को अब इंडियन बैंक के इस विशेष पैकेज से बीमा और अन्य बैंकिंग सुविधाओं का कवच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के सर्वांगीण विकास में बैंक महज एक संस्था नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। उन्होंने कहा, “जब कोई व्यक्ति खुद को असहाय महसूस करता है, विशेषकर स्वास्थ्य आपदाओं के समय, तब ऐसी वित्तीय योजनाएं उसे संबल प्रदान करती हैं।” सीएम ने विश्वास जताया कि इस MoU से न केवल स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि वे अब और अधिक निर्भीकता और खुशी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे।
डिजिटल क्रांति और भविष्य की राह
तकनीक पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में हर क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था का विस्तार अनिवार्य है। आने वाले समय में बैंकिंग सेवाएं सिर्फ सरकारी बाबुओं तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि राज्य के श्रमिक वर्ग को भी इससे व्यापक रूप से जोड़ा जाएगा। उन्होंने इंडियन बैंक के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे झारखंड के समावेशी विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहें।
समारोह की झलकियाँ
इस महत्वपूर्ण अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव प्रशांत कुमार और इंडियन बैंक के एमडी-सीईओ बिनोद कुमार सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे।



