Ranchi : हजारीबाग के बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को पूर्व सदर CO सह पंचायती राज उपनिदेशक शैलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम ने उन्हें रांची से गिरफ्तार किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद हजारीबाग कोर्ट में पेश किया।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त विनय कुमार चौबे के कार्यकाल से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि शैलेश कुमार पर सरकारी जमीन को गलत तरीके से हस्तांतरित कराने और राजस्व दस्तावेजों में हेराफेरी करने के गंभीर आरोप हैं। मामले की जांच के दौरान ACB को पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

ACB ने लंबे समय से इस केस की जांच की थी और कई अधिकारियों से पूछताछ भी की गई थी। इसी कड़ी में मंगलवार को जब शैलेश कुमार रांची में थे, तब टीम ने छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हजारीबाग लाया गया, जहां विशेष ACB कोर्ट में पेशी हुई।

कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी शैलेश कुमार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने उनकी दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें कोई चिकित्सीय समस्या है, तो जेल में ही इलाज की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग जमीन घोटाले से जुड़े कई दस्तावेज ACB ने पहले ही जब्त कर लिए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे। बताया जा रहा है कि इस घोटाले में कई एकड़ सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कराया गया था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। ACB अधिकारियों का कहना है कि “भ्रष्टाचार के किसी भी मामले में चाहे आरोपी कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

गौरतलब है कि हजारीबाग में पिछले कुछ वर्षों में राजस्व और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। ACB द्वारा की गई यह गिरफ्तारी राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।

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