Ranchi News : झारखंड की राजनीति में अपनी खास पहचान बनाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन उर्फ “गुरुजी” को याद करते हुए झारखंड के पहले मुस्लिम विधायक हसन रिजवी ने कहा कि उन्हें इस बात का गौरव है कि गुरुजी की रहनुमाई में वह झारखंड के पहले मुस्लिम विधायक बने।

हसन रिजवी ने बताया कि साल 1988 से लेकर आज तक गुरुजी की यादें उनके जीवन का अहम हिस्सा बनी हुई हैं। उनका कहना है कि जिस तरह महात्मा गांधी ने भारत की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई और राष्ट्रपिता कहलाए, उसी तरह शिबू सोरेन ने झारखंड आंदोलन में एक मजबूत नेतृत्व प्रदान किया। उनकी इसी अद्भुत नेतृत्व क्षमता और संघर्ष के कारण झारखंड का अलग राज्य बनने का सपना साकार हुआ।

हसन रिजवी ने गुरुजी को झारखंड का ‘राज्य पिता’ का दर्जा देने की मांग की गई। गुरुजी के संघर्षों और योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा गुरुजी न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरे झारखंड को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। गुरुजी का सपना था कि झारखंड का हर व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो, समान अधिकार और सम्मान पाए।

हसन रिजवी ने अपने संबोधन में कहा, “गुरुजी की रहनुमाई में मुझे विधायक बनने का मौका मिला, यह मेरे लिए जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उनके नेतृत्व के बिना यह संभव नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि झारखंड की जनता गुरुजी के बलिदान और संघर्ष को कभी नहीं भूल सकती।

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